एक तरफा प्यार की पहली मुलाकात

आज भी अच्छे से याद है वो दिन जब पहली बार किसी लड़की को देखकर दिल में करंट सा दौड़ गया था। ऐसा नहीं था कि पहली बार किसी अजनबी लड़की को देखा था। बचपन से co-ed स्कूल में ही पढ़ा हूँ। और उसे भी पहली बार नहीं देख रहा था उस दिन। रोज स्कूल में आते-जाते नजर आ जाती थी, लेकिन कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। एक बिल्कुल नया और अजनबी अहसास था वो। मुझे आज भी बहुत अच्छे से याद है जब वो और उसकी सहेली सामने से आई और दुकान पर आकर उसने मेरा नाम पुकारा। मैं स्कूल खत्म होने के बाद अपने पापा की दुकान पर खाना खा रहा था। उसके गांव का रास्ता दुकान के पास से होकर जाता था। जैसे ही उसने मेरा नाम पुकारा मैं एक दम से खाना छोड़कर उसके पास चला गया। थोड़ा नर्वस था। ये कोई खास तरह की नर्वसनेस नहीं थी। मैं किसी भी लड़की से पहली बार बात करते वक़्त अक्सर नर्वस हो जाया करता था। थोड़ा शर्मिला हुआ करता था उन दिनों। उस वक़्त तक मैंने कभी ज्यादा ध्यान नहीं दिया था उसकी तरफ और उस वक़्त तक दिल में उसके लिए “कुछ” नहीं था लेकिन थोड़ी ही देर में उस “कुछ” की शरुवात होने वाली थी। उस एक तरफ मोहब्बत की शुरुवात। उस हसीन अहसास की शुरुवात जो कई सालों तक मेरे साथ रहा और आज भी एके बहुत खूबसूरत याद की तरह दिमाग में जिंदा है।

खैर, अपना नाम सुनकर मैं खाना बीच में ही छोड़कर उसके पास चला गया और अपना गला साफ कर हुए धीमी सी आवाज में कहा, “हांजी कहो?”

“क्या आप मेरे बदले कल न्यूज़ बोल सकते हो?”, उसने सीधे-सीधे कहा। उसकी आवाज में भी मुझे हल्की घबराहट का अहसास हुआ। शायद उसको भी अजनबी लड़कों से बात करने की ज्यादा आदत नहीं थी।

इस से पहले कि मैं कुछ कहता उसकी सहेली उसे मजाक में चिढ़ाने के लिए बीच में बोल पड़ी, “साहिल, मत बोलना”। वो हंस कर उसे परेशान कर रही थी। “मना कर दो तुम। मत बोलना”। मैं असमंजस में था और मेरी इस दुविधा को देखकर वो अपनी बात बार-बार दोहराती रही, “मना कर दो तुम, ये खुद बोलेगी”। बेचारा एक लड़का जो एक खूबसूरत सी लड़की के सामने नर्वस खड़ा है और ऊपर से वही लड़की उस से पूरे स्कूल के सामने खड़े होकर समाचार पढ़ने के लिए कह रही है और इधर उसकी सहेली उस से मना करने को कह रही है तो शायद ज़िन्दगी का इस से बड़ा धर्मसंकट कोई नही हो सकता।

इस गंभीर स्थिति में मेरी धड़कने जो पहले से ही तेज दौड़ रही थी और ज्यादा रफ्तार से दौड़ने लगीं। पीछे मेरे पापा और 2-3 कर्मचारी भी बीच-बीच में नजरें चुरा कर इस नज़ारे का मजा ले रहे थे। इस परिस्थिति से जल्दी छुटकारा पाने के लिए मैंने कहा दिया, “नहीं मैं नहीं बोल सकता”। उन दिनों हम सरकारी स्कूल के बच्चों की डिक्शनरी में “sorry”, “thank you” जैसे शब्द होते नहीं थे वर्ना मैं शायद सॉरी भी साथ में जोड़ देता।

मेरे ऐसा कहते ही उसकी सहेली अपनी कामयाबी का जश्न मनाते हुए उसको हंस-हंस कर और ज्यादा चिढ़ाने लगी। उसने निराश होकर धीमी सी आवाज में ok, bye कहा और वो दोनों वहां से सीढियां उतर कर चली गईं।

इधर मैं ये सब खत्म होने पर थोड़ा relax महसूस कर रहा था और इस बात पर इतरा रहा था कि वो मेरा नाम जानती थी। मेरे गाँव के छोटे स्कूल में अपने classmates का नाम पता होना कोई बड़ी बात नही थी लेकिन ये एक बड़ा स्कूल था और मुझे यहां आए अभी कुछ ही दिन हुए थे। खैर ये सब हो जाने के बाद मैं शाम को घर पहुंचा। मैने भले ही उसे मना कह दिया था लेकिन मैं समाचार पढ़ने का मन बना चुका था। अब मेरे मन में तीन तरह को भावनाएं थी। एक पछतावे की, क्योंकि मैंने उसे मना कहा था जबकि मुझे हां कहना था। दूसरा, इस बात का डर कि मुझे काल इतने बच्चों के सामने खड़े होकर समाचार पढ़ने थे जो किसी बुरे सपने की तरह था। लेकिन तीसरी बात जिसके आगे बाकी सब-कुछ फिका पड़ रहा था वो ये कि कल उस से दोबारा मिलने और बात करने का मौका मिलेगा। मैं बड़ी उत्सुकता और डर से अगली सुबह का इंतजार कर रहा था।

अगले दिन सुबह जल्दी स्कूल पहुंचकर मैंने समाचार पत्र से 4-5 खबरें अपनी कापी पर उतारी और फिर में उसे ढूंढने लगा, ये बताने के लिए कि समाचार मैं पढ़ लूंगा तुम फिक्र मत करो। मन घबरा रहा था और छलांगे भी मार रहा था। बहुत ढूंढने पर भी तुम नहीं मिली और न ही वो कम्भख्त सहेली। जल्दी ही morning assembly का समय हो गया। समाचार पढ़ने की बारी आई। उसने समाचार पढ़े और मैं मन ही मन खुद को कोस रहा था। उस दिन के बाद से बस दूर दूर से ही देखना मिला। बात करने की हिम्मत नहीं थी और न ही कोई वजह।

कई बरसों तक खुद को उस बेवकूफी के लिए कोसता रहा और उसकी सहेली को भी। लेकिन उस घड़ी को दुआएं देता जब उसको इतने पास से देखने का, सुनने का मौका मिला। आज भी चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती है उस घड़ी को याद कर के। एक तरफ़ा प्यार की बात ही कुछ और है।

10 Replies to “एक तरफा प्यार की पहली मुलाकात”

    1. उसके बाद वही हुआ जो हर एक तरफ़ा लव स्टोरी में होता है. 😀

  1. Are wah Guru ji aap ek sunhara moka bhi gwa deye :
    Jo ki kise kise ko milta h anyway Guru Gi……..
    Very nice love stories
    Aap ka chela (Little)

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